Awadhesh Pathak
जनसेवा • विकास • विश्वास
समाज के प्रत्येक नागरिक तक विकास, शिक्षा, रोजगार और सम्मान पहुँचाना हमारा संकल्प
Personal Details
उद्यमशीलता (Entrepreneurship)
आर्थिक समृद्धि हासिल करने के लिए युवा अवधेश के समक्ष कड़ी समस्याएं थीं। शिक्षक पिता मध्यमवर्गीय किसान थे, व्यापार शुरू करने से पहले धन का ना होना सबसे बड़ी समस्या थी।
कर्मठ, मेहनती स्वभाव के युवा अवधेश ने अपने एक निकट सम्बन्धी से 15 हजार रुपये उधार लेकर उसी पूंजी के सहारे सरकारी निर्माण कार्य का एक छोटा सा अनुबंध किया और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
Achievement
समय के साथ स्वयं की उद्यमशीलता, कठोर श्रम, कर्तव्य के प्रति ईमानदारी आदि गुणों के सहारे अवधेश पाठक सिविल कॉन्ट्रक्टर के रूप में आज जनपद व पूर्वाचल स्तर पर एक बड़े ब्रांड के रूप में स्थापित हैं।
श्री अवधेश पाठक को विरासत के रूप में अपने शिक्षक पिता से ऐसा संस्कार मिला है, जिसे आत्मसात कर वे जीवन के हर क्षेत्र में स्वयं की आदर्श उपस्थिति दर्ज करने में समर्थ हैं।
धर्मानुरागी अवधेश (Spiritual Journey)
सनातन धर्म के प्रति अटूट अनुराग भाव युवा अवधेश को अपने पुण्य पिताजी से विरासत में प्राप्त हुआ है। स्वयं की वर्तमान आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक स्थिति को ईश्वरीय कृपा मानते हैं श्री अवधेश।
सत्संग अनुष्ठानों के प्रति अवधेश जी की आस्था अक्षुण्ण है। ऐसे सार्वजनिक वैयक्तिक आयोजनों में सहर्ष भाग लेने के साथ ही अवधेश जी प्रतिवर्ष अपने गांव व नगरीय आवास क्षेत्र के अलावा भी धर्मसंघ समागम जैसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों पर सत्संग समागम जैसे आयोजन करवाते रहते हैं।
वर्ष 2022 में ग्राम भिटौवा की धरती पर श्री अवधेश पाठक के सौजन्य से मातृ दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया गया। जिसमें देश के मूर्धन्य कथावाचक विद्वान श्री कृष्णचंद्र हाथी ठाकुर जी महाराज का अमृतमयी उपदेश श्रवण कर लाखों देववासियों की भावना अपने सनातन धर्म के प्रति गहन रूप से मजबूत हुई।
समाज के प्रति कर्तव्य (Social Service)
अंत्योदय सेवा
अंत्योदय की भावना के तहत दरिद्र नारायण सेवा के निमित्त सदैव तत्पर। कंबल वितरण, अन्नवितरण, अनाथ व वृद्धाश्रमों को आर्थिक सहयोग।
गरीब कन्याओं का विवाह
गरीब कन्याओं का विवाह करवाने में आपकी भूमिका सराहनीय व अनुकरणीय है।
समाज कल्याण
समाज के कमजोर वर्ग के हर सुख-दुख में यथासंभव सहयोग प्रदान करना स्वभाव बन चुका है।
छात्र युवा कल्याण (Student Welfare)
शिक्षा सबका अधिकार
"शिक्षा सबका अधिकार है" इस सूत्र वाक्य के मर्म को अंत:करण से समझने वाले अवधेश जी का सोच है कि यदि कोई बालक शिक्षा प्राप्त करना चाहता है, तो उसे हर तरह का सहयोग व प्रोत्साहन प्रदान करना समाज के सामर्थ्यवान व्यक्तियों का कर्तव्य है।
Initiatives:
- •जरूरतमंद विद्यार्थियों को यथासंभव सहयोग
- •इंजीनियरिंग व मेडिकल शिक्षा के लिए कोचिंग व्यवस्था
- •क्रीड़ा के क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहन
- •आर्थिक व क्रीड़ा सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित
विपिन 26 - A Tribute
अवधेश जी के जीवन में घटित एक मार्मिक घटना ने उन्हें हिला कर रख दिया। स्वयं के ज्येष्ठ मेधावी युवा पुत्र विपिन की 26 वर्ष की अल्पायु में दुखद निधन हो जाने से अवधेश जी अंदर से टूट गये।
किंतु शीघ्र ही श्रीमद्भागवत महापुराण-गीता के कर्मयोग को ध्यान में रखकर अवधेश जी फिर से कर्मपथ पर दौड़ने के लिए तत्पर हो गये।
स्मृति में सेवा:
- ❤️प्रति वर्ष 26 मेधावी अभावग्रस्त बच्चों की शिक्षा व्यवस्था का पूर्ण खर्च
- 📚इंजीनियरिंग व मेडिकल शिक्षा के लिए कोचिंग की व्यवस्था
- 🏆क्रीड़ा के क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहन
राजनीतिक यात्रा (Political Journey)
पहला कदम
आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने के उपरांत राजनीतिक सफलता के पायदान पर अवधेश पाठक का पहला कदम तब पड़ा, जब विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी जीवनसंगिनी श्रीमती रेखा पाठक को चिरहरडिंगांव क्षेत्र पंचायत का प्रमुख बनवाने में सफल हुए।
स्वर्णिम कार्यकाल (2010-2015)
- ✓5 वर्ष तक क्षेत्र पंचायत प्रमुख
- ✓भ्रष्टाचार का लेश मात्र अंश भी नहीं
- ✓पूरी तरह पारदर्शी कार्यशैली
- ✓स्थानीय ग्रामीणों द्वारा स्वर्णिम काल के रूप में स्मरण

